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सोमवार, 25 अक्टूबर 2010

भव्या की प्यारी चुदाई

प्रकाशित मोनू जोशी

भव्या की प्यारी चुदाई


mere dost की kahaani

उस दिन मुझसे यह यह सब कैसे हुआ, किन हालातों में हुआ, मैं इससे बिलकुल अनजान था।

बात कुछ ही दिन पुरानी है, भव्या से मेरी पहली मुलाकात तब हुई थी जब मैं बी ए प्रथम में था। मैं उसे शुरू से ही पसंद करता था। शायद वो भी मुझे पसंद करती थी। उसके पापा भी मेरे पापा के अच्छे मित्र हैं इसलिए अंकल भी मुझे अच्छे से जानते थे।

पिछले महीने ही हमारी अर्धवार्षिक परीक्षा समाप्त हुई हैं
२७ नवम्बर को हम (मैं, भव्या, रोहित, आशीष, अनुज, नीतिश, के के) लोगों ने पार्टी रखी थी।

हम सब लोग सही समय पर पहुच गए थे। भव्या आज कुछ ज्यादा ही सुन्दर लग रही थी। उसके कसे हुए बूब्स वाकई में बहुत अच्छे लग रहे थे। मैं तो बार बार उन्हीं को देख रहा था। शायद वो समझ गयी थी कि मैं उसके बूब देख रहा हूँ।            

खैर हम लोगों की पार्टी रात १० बजे तक चली। खूब मज़ा किया हम सबने !गाड़ी सिर्फ मेरे पास ही थी इसलिए सबको घर छोड़ने मुझे ही जाना था। आखिर में सिर्फ मैं और भव्या ही रह गए थे।
मैंने गाड़ी उसके घर की तरफ मोड़ दी।

जैसे ही मैंने उसको उसके घर पर उतारा तो वो बोली-अन्दर आ जाओ !
मैंने मना तो बहुत किया पर वो मुझे अन्दर ले ही गई। शायद उसका मन भी चुदने का था।

फ़िर धीरे से उसने मुझे अपने पास बिठाया और मुझसे बातें करने लगी।
सच में, मादरचोद, उसकी चूचियाँ देखकर तो मेरे मुँह में पानी आ गया। उसने मुझे देख लिया और बोली- स्वप्निल ! तुम मुझे पसंद करते हो ना?
मैंने भी हाँ कह दिया।

वो बोली- मैं तो कबसे तुमसे अपने को चुदवाना चाहती हूँ, पर कभी मौका ही नहीं मिला ! आज प्लीज़ !मेरी प्यास बुझा दो !
मैंने मन ही मन कहा- नेकी और पूछ पूछ !

मैंने भी ठीक पलटवार करते हुए कहा- भव्या ! तुम तो ना जाने कितनी बार मेरे सपनों में चुद चुकी हो ! आज पहली बार असल में मौका मिला है, मैं इस मौके को हाथ से जाने नहीं दूंगा।

फ़िर मैंने आव देखा ना ताव ! उसकी चूचियों पर हाथ रख कर उन्हें पकड़ लिया। सच में मज़ा आ गया।
क्या स्तन थे नरम नरम !

लेकिन वो भी कम नहीं थी, उसने मेरी तीसरी टांग को पकड़ लिया था। इससे पहले मैं कुछ करता, वो मेरी ज़िप खोल चुकी थी और मेरा लण्ड चूस रही थी।

वाकई में क्या मज़ा आ रहा था !
दस मिनट तक लण्ड चुसवाने के बाद मैंने उसकी ब्रा को खोल कर उसके सेक्सी बूब्स को आज़ाद कर दिया।

कैसी मासूमियत के साथ हिल रहे थे वो !
फ़िर मैंने उसके सारे कपड़े उतार कर फ़ेंक दिए।

उसकी हल्के बालों वाली बुर देख कर तो मैं उस पर टूट पड़ा।
वो अब सिसकियाँ ले रही थी और गर्म हो रही थी।

फ़िर मैंने अपना ७.६ इन्च लम्बा लण्ड उसकी बुर में डाल दिया।

शुरूआत में थोड़ा खून जरूर निकला पर ५ मिनट बाद सब ठीक हो गया।
उसको कुतिया बना कर मैं चोदे जा रहा था। १५ मिनट तक उसकी बुर मार मार कर उसकी फ़ाड़ डाली मैंने। फ़िर उसने पानी छोड़ दिया।
लेकिन मैंने उसकी गाण्ड को फ़िर मारा और १० मिनट के बाद अपना लावा उसके बूब्ज़ पर डाल दिया।

फ़िर मैंने उसको एक लम्बा चुम्बन दिया और मैं अपने घर लौट आया।
                    आपकी प्यारी मोनू 
                                   ईमेल sexisalipunem@gmail.com


 

रविवार, 24 अक्टूबर 2010

reena के साथ असली आनन्द


मैं आपको अपनी कहानी बताता हूँ।
ये मेरे जीवन की सच्ची कहानी है। मैं प्रोफेशन से एक कॉलबाय हूँ।

मैं एक दिन घर पर था, मुझे उस दिन फ़ोन-काल आया, किसी सिमरन नाम की लड़की का। उसने मुझे अपने घर मालिश करने के लिए बुलाया। उसने मुझे अपना पता दिया, वो भी फरीदाबाद की ही रहने वाली थी। वह बड़े परिवार से थी। उसकी शादी हो चुकी थी, उसके पति एक महीने के लिये कनाडा गये हुए थे।

जब मैं उसके घर पहुंचा तो मैंने एक २२ साल की लड़की को देखा। बहुत ही सुंदर और बहुत ही स्टाइलिश टाइप की लड़की थी। जब उसने मुझे देखा तो वो मेरे बारे में पूछने लगी। मैंने उसे बताया कि किसी सिमरन का फोन आया था ! मैंने जैसे ही उसे अपना नाम बताया तो उसके चेहरे पर अजीब सी मुस्कान आ गई। तभी मैं समझ गया ये ही सिमरन है।

उसने मुझे घर में आने के लिए कहा, पानी दिया और मैं बैठ गया।
उसने मुझसे कहा- मुझे मसाज करानी है ! अच्छे से कर दोगे तो जितना बोलोगे उतना पैसा दे दूंगी।
मैंने कहा- ठीक है।

वो अपने कमरे में चली गई, तभी वो अपने कपड़े बदल कर आई। जब वो आई, मैं उसे देखता रहा। उसने मुझे अपने कमरे में बुलाया और बोली- आराम से मालिश करना जो मजा आ जाये !
मैंने कहा- ठीक है !

मैंने जैसे ही उसका गाउन उतारा, वो मेरे सामने बिल्कुल नंगी खड़ी थी, उसका बदन कोमल, नाज़ुक और गोरा था। उसका कद ५'९" होगा, उसका बदन ३६-२८-३६ का होगा। मैंने जैसे ही उसके चुचियों का हाथ लगाया और दबाया, वो सिस्कियाँ भरने लगी। तभी मैं समझ गया कि ये प्यासी है।
मैंने उसे बैड पर लेटा लिया, मैं भी सिर्फ अंडरवियर में ही था। मैं उसकी मालिश कर रहा था, उसे मजा आ रहा था।

अचानक उसने मेरा हाथ पकड़ा, मुझे अपने उपर ले लिया और बोली- मसाज को छोड़ो ! अब आप मेरी प्यास को बुझा दो ! जितने पैसे बोलोगे उतने दूंगी।

वो बहुत प्यासी थी। मैंने कहा- ठीक है, जैसे आप चाहें !
मैंने अपने होठों को उसके होंठों पर रख दिया। अब वो मेरे होंठो का रस चूसने लगी, मैं भी उसके होंठों का रस लेने लगा। तभी वो वोली- मजा आ रहा है तुम्हारे होंठ तो बहुत प्यारे हैं !

रीना मेरे लण्ड को पकड़ कर चूसने लगी, तभी वो सीधे लेट गई और बोली- मुझे चोदो !
मैंने अपना लण्ड उसकी चूत पर लगाया और जोर से धक्का दिया तो वो चिल्ला उठी। उसकी आँखों से आंसू तो निकल रहे थे मगर उसे मजा भी आ रहा था। वो मुझे छोड़ने को तैयार ही नहीं थी। मैं उसे परेशान करने लगा। कभी मैं उसकी चूत में अपने लण्ड को घुसाता और निकाल कर शान्त हो जाता, मैं उसे तड़पा रहा था, वो बार बार मुझे अपनी तरफ खींचती और कहती- क्या कर रहे हो? प्लीजजजजजज करो ना !

मैं फिर शुरु हो जाता। मैं ३ घण्टे उसे मजा देता रहा और मजा लेता रहा। ३ घण्टे बाद मैं डिस्चार्ज हो गया। वो जोर जोर से साँस ले रही थी। मैंने उसके होंठो को चूसना शुरु कर दिया। वो बोली- मुझे ऐसा मजा कभी भी नहीं आया ! तुमसे पहले बहुत आये मगर तुम्हारे आगे सब बेकार हैं। मुझे तुमसे मिलकर अच्छा लगा।

फिर हम दोनों नहाने चले गये, एक साथ नहाये। जब हम नहाकर बाहर आये, वो मेरे बदन को पोंछ रही थी, मैं उसके बदन के पानी को अपनी जीभ से चाट रहा था। उसकी आँखें बंद हो गई और सीत्कार करने लगी- अअऽ॥अअअअअआहऽऽऽहहहहह। यह भी थोड़ी देर तक चलता रहा। फिर वो मुझे फरीदाबाद मैं शिव रेस्टॉरेन्ट, १७ सेक्टर में ले गई। हम दोनों ने खाना खाया।

उसने मुझे अपने साथ सोने को कहा मगर मुझे घर जाना था इसलिए मैंने मना कर दिया।
तो बोली- अब कब आओगे?

मैंने कहा- जब आप बुलाओगी, आ जाऊंगा !
उसने मुझसे पूछा- कितना दूँ?
मैंने कहा- जितना आप चाहो !

उसने मुझे दस हजार दिये और मैं अपने घर आ गया।
रात को उसका फिर फोन आया और हम दोनो ने रातभर सैक्सी बाते की।

जब भी रीना  का दिल करता है वो मुझे ही बुलाती है। मैं भी उस मज़े को भूल नहीं सकता।
मैंने सैक्स कई बार किया है मगर ऐसा मजा मुझे पहली बार आया !

 रीना  आग है।

सिर्फ एक ही तार से घर में मिलेंगी फोन, केबल एवं इंटरनेट सेवाएं

अब किसी आवासीय सोसायटी या फिर व्यावसायिक इमारत में माइल कनेक्टिविटी यानी घर के अंदर

तक फोन, इंटरनेट और केबल की अलग-अलग कंपनियों के कनेक्शन के लिए अलग-अलग तारों का जाल बिछाने और बार-बार खुदाई के की जरूरत नहीं होगी। सिर्फ एक ही ऑप्टिक फाइबर तार से सभी सेवाएं उपभोक्तातक पहुंचाई जा सकेंगी।

इस तरह की न्यूट्रल एक्सेस नेटवर्क (नैनो) प्रौद्योगिकी पेश कर रही दूरसंचार ढांचा क्षेत्र की कंपनी रेडियस इन्फ्राटेल प्राइवेट लि. (आरआईपीएल) ने राजधानी के द्वारका इलाके की कई आवासीय सोसायटियों में नैनो प्रौद्योगिकी तंत्र स्थापित करने का करार किया है।

आरआईपीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रजनीश वाही ने से कहा, के जरिए हम सेवा प्रदाता को फाइबर टू होम (एफटीटीएच) ढांचा उपलब्ध कराते हैं। इसके जरिए किसी भी आवासीय परिसर या व्यावसायिक केंद्र में दूरसंचार, इंटरनेट और टीवी प्रसारण से संबंधित सेवाएं सिर्फ एक नेटवर्क से पहुंचाई जा सकती हैं। कंपनियों को इसके लिए अलग-अलग नेटवर्क बिछाने की जरूरत नहीं होगी। वाही ने बताया कि आरआईपीएल ने इस प्रौद्योगिकी के पेटेंट के लिए आवेदन किया है। कंपनी ने एक साल में 60,000 फ्लैटों में यह सुविधा देने का लक्ष्य रखा है। सेवा प्रदाता से करार के तहत कंपनी लास्ट माइल नेटवर्क का 10 से 15 साल तक रखरखाव करेगी।

वाही ने कहा कि यह प्रौद्योगिकी बड़े बिल्डरों की नई आवासीय परियोजनाओं के लिए अधिक उपयोगी है। उन्हें अलग-अलग सेवा के लिए विभिन्न कंपनियों को जगह नहीं देनी पड़ती। साथ ही अलग-अलग नेटवर्क बिछाने की जरूरत न होने से सेवा प्रदाता कंपनियों की लागत कम होती है।

आरआईपीएल दिल्ली के अलावा गुड़गांव, गाजियाबाद, नोएडा, इंदिरापुरम और ग्रेटर नोएडा में कई व्यावसायिक परिसरों तथा फ्लैटों में नैनो प्रौद्योगिकी लगा रही है। वाही ने कहा कि पूरे राज्य को इस तरह के नेटवर्क से जोड़ा जा सकता है। हमारी कई राज्यों से इस प्रौद्योगिकी के करार के लिए बातचीत चल रही है।

आरआईपीएल ने 2013 तक छह लाख फ्लैटों में नैनो प्रणाली पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। कंपनी हैदराबाद, पुणे और चंडीगढ़ जैसे शहरों में प्रवेश की तैयारी में है।

वाही ने बताया कि कंपनी ने अगले पांच साल में 5,000 करोड़ रुपए का निवेश करने की योजना बनाई है। उन्होंने कहा, एयरटेल के साथ कई परियोजना पर काम कर रहे हैं। एमटीएनएल के साथ राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान हमने काम किया था, और आगे भी उसके साथ काम करने की संभावना है। वाही के अनुसार, उच्च प्रौद्योगिकी वाले घरों की काफी डिमांड है, जिसमें नैनो खासा योगदान दे सकती है। नैनो नेटवर्क के जरिए भवन प्रबंधन सेवाएं (बीएमएस) भी दी जा सकती हैं। इसके जरिए बिल्डर कई तरह की सेवाएं-। वीडियो इंटरकॉम, एक्सेस कंट्रोल, पावर मैनेजमेंट, सीसीटीवी, वाईफाई आदि उपलब्ध करा सकेंगे। प्रीपेड इलेक्ट्रिसिटी, एनर्जी ऑडिट सिस्टम, आरएफआईडी, चाइल्ड टैकिंग सिस्टम का संचालन भी इसके माध्यम से किया जा सकता है।प्रकाशित -मोनू जोशी